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साझा सिमटना दिल हिन्दी कविता महसूस बांहों फुरसत झंकार बैठे आराम याद मध्यांतर में पापा ख्याल कंठ शीशे में मुकम्मल गवारा फुर्सत लफ्ज

Hindi बांहों में सिमटना Poems