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शीशे में महसूस गवारा कंठ याद लफ्ज मुकम्मल साझा फुरसत मध्यांतर में झंकार बैठे वक्त हिन्दी कविता घर में फुर्सत आराम सिमटना जिस्म पापा

Hindi बांहों में सिमटना Poems